Haridwar Kumbh Mela 2021 : 596 हेक्टेयर क्षेत्र में होगा कुंभ, आठ किमी के दायरे में बनेगी पार्किंग


कुंभ प्रशासन और पुलिस की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

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कुंभ की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। इसके बाद भी कुंभ प्रशासन और पुलिस की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। कुंभ मेले में वाहनों की पार्किंग और श्रद्धालुओं के लिए शटल बस संचालन को लेकर बुधवार को मेलाधिकारी और आईजी मेला ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि कुंभ मेला 596 हेक्टेयर क्षेत्र में होगा। 

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मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में आयोजित बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत और पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने कहा कि कुंभ में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इस कुंभ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इससे हरिद्वार में वाहनों का दबाव अधिक बढ़ जाएगा।

वाहनों को व्यवस्थित संचालन के लिए दुनिया का सबसे बड़ा यातायात प्लान बनेगा। मेलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार आने के कुल 27 मार्ग हैं। इनमें से चार प्रमुख मार्ग दिल्ली-पुरकाजी-हरिद्वार, सहारनपुर-भगवानपुर-हरिद्वार, नजीबाबाद मार्ग और देहरादून मार्ग हैं। इन मार्गों पर आठ किमी के दायरे में आठ पार्किंग बनाई जाएंगी। इसके लिए भूमि चयन कर समतलीकरण कर दिया गया है।

मेलाधिकारी ने पार्किंग स्थलों से घाटों की दूरी, सहारनपुर, देहरादून, ऋषिकेश, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आदि जगह से आने और जाने वाले वाहनों की पार्किंग व रूट डायवर्जन को लेकर भी आईजी कुंभ से चर्चा की। पैदल आवागमन और स्नान घाटों पर पैदल रूट, आपातकालीन प्लान, अखाड़ों का प्रवेश और वापसी के रूट प्लान पर भी मंथन किया। 

आईजी संजय गुंज्याल ने कहा कि निर्धारित पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को घाटों के नजदीक तक छोड़ने और लाने के लिए शहर में 500 बसें चलाई की जाएंगी। शटल बसों को जीपीएस सिस्टम से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

बैठक में अपर मेलाधिकारी डा. ललित नारायण मिश्र, श्रीरामजी शरण शर्मा, एमडी परिवहन निगम रणवीर चौहान, जीएम उत्तराखंड परिवहन निगम दीपक जैन, सेक्टर मजिस्ट्रेट अजय वीर, योगेश मेहरा, माया दत्त जोशी, प्रेमलाल, सीओ कुंभ प्रकाश देवली, आरटीओ प्रवर्तन संदीप सैनी, एआरटीओ प्रवर्तन सुरेन्द्र कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

कुंभ मेला क्षेत्र में पांच हजार लोगों का सत्यापन

कुंभ मेला की खुफिया इकाई ने अब तक पांच हजार बाहरी लोगों का सत्यापन कर लिया है। इसके साथ ही 850 होटल और धर्मशालाओं की भी जांच की गई है। रोहिंग्या और बांग्लादेशियों चिन्हीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

मेला नियंत्रण सभागार में पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना व पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला संजय गुंज्याल ने हरिद्वार व कुंभ मेला एलआईयू के अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक ली। बैठक में कुंभ मेला की अभिसूचना इकाई की मंडलाधिकारी सुनीता वर्मा ने अभिसूचना इकाई की ओर से किये गए कार्यों का ब्योरा दिया।

एसएसपी अभिसूचना निवेदिता कुकरेती ने बताया कि बाहरी व्यक्ति कोई भी रहता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आईजी  एपी अंशुमान ने निर्देश दिए कि बीते मेलों में हुए विवादों, घटना, दुर्घटनाओं के बारे में पूरी जानकारी एकत्र कर ली जाए।

कुंभ की अधिसूचना अभी जारी नहीं हुई है। इसके बाद भी कुंभ प्रशासन और पुलिस की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। कुंभ मेले में वाहनों की पार्किंग और श्रद्धालुओं के लिए शटल बस संचालन को लेकर बुधवार को मेलाधिकारी और आईजी मेला ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि कुंभ मेला 596 हेक्टेयर क्षेत्र में होगा। 

हरिद्वार: मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी पर गर्भवती महिलाएं नहीं कर पाएंगी स्नान

मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में आयोजित बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत और पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने कहा कि कुंभ में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इस कुंभ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इससे हरिद्वार में वाहनों का दबाव अधिक बढ़ जाएगा।

वाहनों को व्यवस्थित संचालन के लिए दुनिया का सबसे बड़ा यातायात प्लान बनेगा। मेलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार आने के कुल 27 मार्ग हैं। इनमें से चार प्रमुख मार्ग दिल्ली-पुरकाजी-हरिद्वार, सहारनपुर-भगवानपुर-हरिद्वार, नजीबाबाद मार्ग और देहरादून मार्ग हैं। इन मार्गों पर आठ किमी के दायरे में आठ पार्किंग बनाई जाएंगी। इसके लिए भूमि चयन कर समतलीकरण कर दिया गया है।

मेलाधिकारी ने पार्किंग स्थलों से घाटों की दूरी, सहारनपुर, देहरादून, ऋषिकेश, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आदि जगह से आने और जाने वाले वाहनों की पार्किंग व रूट डायवर्जन को लेकर भी आईजी कुंभ से चर्चा की। पैदल आवागमन और स्नान घाटों पर पैदल रूट, आपातकालीन प्लान, अखाड़ों का प्रवेश और वापसी के रूट प्लान पर भी मंथन किया। 


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श्रद्धालुओं को छोड़ने के लिए चलेंगी 500 बसें 



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Author: riteshkucc01

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