हरियाणा : स्मार्ट मीटर लगाने का प्रोजेक्ट धीमा, चार जिले भी नहीं हो पाए कवर, पूरा प्रदेश बाकी


स्मार्ट मीटर।
– फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

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हरियाणा में स्मार्ट मीटर लगाने के प्रोजेक्ट की गति धीमी है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जून 2021 तक करीब दस लाख मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जनवरी तक मात्र 2.40 लाख स्मार्ट मीटर ही लगाए गए हैं। प्रति माह 30 हजार नए मीटर लगाने का टारगेट था, लेकिन संख्या 18 हजार तक ही पहुंच रही है।

लक्ष्य हासिल करने में उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लगातार पिछड़ रहे हैं। खास बात यह है कि यह योजना अभी तक चार जिलों को भी पूरी तरह से कवर नहीं कर पाई है, जबकि यह पूरे हरियाणा में शुरू की जानी है।

11 जुलाई, 2018 को एसेल कंपनी के साथ स्मार्ट मीटर लगाने का एमओयू किया गया था। शुरुआत में यह योजना चार जिलों में शुरू की गई थी। इनमें उत्तर हरियाणा के करनाल, पंचकूला और पानीपत जिले और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के गुरुग्राम जिले को शामिल किया गया था।

चारों जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चल रहा है, लेकिन बीच बीच में दिक्कतें आने से लक्ष्य हासिल नहीं हो पा रहा है। इसके पीछे कंपनी कभी तकनीकी खराबी की बात का तर्क देती है तो कभी मीटर नहीं मिलने का।  
 

कहां पर कितने लगाए गए मीटर

  • करनाल          : 73975
  • पंचकूला         : 25347
  • पानीपत          : 27353
  • गुरुग्राम          : 116563
  • कुल               : 241434

पहले 5-5 लाख का था टारगेट 
उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों ने अब 10-10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि इसके लिए फरवरी माह में नया टेंडर जारी किया जाएगा। बता दें कि पहले यह लक्ष्य 5-5 लाख स्मार्ट मीटर का था। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद निगम अपने टारगेट को पूरा नहीं कर पाया है। गत 5 फरवरी को हुई बैठक में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी आईपीएस शशांक आनंद ने बताया था कि अब लक्ष्य 20 लाख मीटर लगाने का रखा गया है।

कुल 70.46 लाख उपभोक्ता, हजारों कनेक्शन लंबित
हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं की कुल संख्या 7046000  है। इसमें यूएचबीवीएन के 32 लाख, 84 हजार और डीएचबीवीएन के 37 लाख 62 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इसके अलावा, नए कनेक्शनों को लेकर भी सूची लंबित है। एक अक्तूबर 2020 को यूएचबीवीएन के पास 60,587 और डीएचबीवीएन के पास 24,058 नए बिजली उपभोक्ताओं के नए कनेक्शन की सूची लंबित थी। आयोग इन लंबित कनेक्शनों को भी जारी करने के लिए निर्देश दे चुका है।

आयोग जता चुका सख्ती
स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) बिजली निगमों को चेता चुका है। वह आगाह कर चुका है कि इस प्रोजेक्ट में तेजी लाई जाए। पिछले सप्ताह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने बिजली वितरण निगमों को स्मार्ट मीटर लगाने में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा, आयोग के सदस्य भी कंपनी अधिकारियों को तलब कर चुके हैं।

हरियाणा में स्मार्ट मीटर लगाने के प्रोजेक्ट की गति धीमी है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जून 2021 तक करीब दस लाख मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जनवरी तक मात्र 2.40 लाख स्मार्ट मीटर ही लगाए गए हैं। प्रति माह 30 हजार नए मीटर लगाने का टारगेट था, लेकिन संख्या 18 हजार तक ही पहुंच रही है।

लक्ष्य हासिल करने में उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लगातार पिछड़ रहे हैं। खास बात यह है कि यह योजना अभी तक चार जिलों को भी पूरी तरह से कवर नहीं कर पाई है, जबकि यह पूरे हरियाणा में शुरू की जानी है।

11 जुलाई, 2018 को एसेल कंपनी के साथ स्मार्ट मीटर लगाने का एमओयू किया गया था। शुरुआत में यह योजना चार जिलों में शुरू की गई थी। इनमें उत्तर हरियाणा के करनाल, पंचकूला और पानीपत जिले और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के गुरुग्राम जिले को शामिल किया गया था।

चारों जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चल रहा है, लेकिन बीच बीच में दिक्कतें आने से लक्ष्य हासिल नहीं हो पा रहा है। इसके पीछे कंपनी कभी तकनीकी खराबी की बात का तर्क देती है तो कभी मीटर नहीं मिलने का।  

 



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Author: riteshkucc01

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