वसीम जाफर विवादः सीएयू के सचिव महिम ने कहा- उन्होंने नहीं लगाए वसीम पर सांप्रदायिक होने के आरोप


पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर के क्रिकेट कोच पद से इस्तीफा देने के बाद क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव महिम पर भी कई सवाल उठे। वसीम ने प्रेसवार्ता में खुद पर लगे सांप्रदायिक होने के आरोप पर आश्चर्य जताया। इस बात की खबर मीडिया में आते ही कई नामी खिलाड़ी वसीम के पक्ष में खड़े हो गए। इस बारे में अमर उजाला ने सीएयू के सचिव महिम वर्मा से खास बातचीत की …

वसीम जाफर को आप लाए और वो आप पर ही आरोप लगा रहे हैं?
– उत्तराखंड की क्रिकेट की बेहतरी के लिए उन्हें लेकर आया था। उन्होंने मुझसे जो मांगा मैंने उपलब्ध कराया। इस्तीफा देने की बात मुझे खुद समझ में नहीं आई, अगर कोई बात थी तो उसे बैठकर सुलझाया जा सकता था। 

वसीम का कहना है कि चयन में दखल देते थे महिम? 
-ये आरोप सरासर गलत है। चयन में मेरा कोई हस्तक्षेप नहीं रहता था। 

वसीम का कहना है जो टीम मैं चाहता था वो खिलाड़ी मुझे नहीं दिए गए? 
– सीईओ ने दो से तीन बार वसीम की चयन समिति के साथ बैठक कराई थी। चयन समिति का काम है टीम चुनना और कोच का काम है खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर करना। कोच सलाह दे सकता है टीम नहीं चुन सकता है। 
 
वसीम को रोकने की कोशिश नहीं की?   
– इस्तीफा आया तो एपेक्स की मीटिंग चल रही थी। एपेक्स काउंसिल ने मुझे वसीम जाफर से बात करने का अधिकार दिया था। मैंने बात करने की कोशिश, लेकिन बातचीत नहीं हो पाई। बाद में मामला क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) को दे दिया। क्योंकि इनकी नियुक्ति सीएसी ने की थी और उन्होंने बात की, जब वो इस्तीफे की बात पर कायम रहे तो इस्तीफा मंजूर कर लिया गया। 

बॉयोबबल का क्या विवाद है? 
– अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी में बॉयोबबल चल रहा था, मैदान भी वहीं है और होटल भी वहीं है। ऐसे में किसी बाहरी व्यक्ति को वहां आने की अनुमति नहीं है। ऐसे में एक धार्मिक गुरु के आने की बात सामने आई थी, जिसकी जांच चल रही है। बॉयोबबल का नियम तोड़ा गया होगा तो निश्चित ही कार्रवाई होगी। 

सांप्रदायिक होने की वाली बात कहां से आई? क्या आपने आरोप लगाए। 
– इस सवाल का जवाब देते-देते थक गया हूं और ये पूरी तरह आधारहीन बातें हैं। जाफर साहब से पूछिए कि वो मेरे साथ तीन महीने रहे हैं। क्या इस दौरान ऐसी कोई बात उनके सामने आई। अचानक वो इस तरह का आरोप क्यों लगा रहे हैं, समझ से परे है। 

पेमेंट का विवाद क्या है?
– कोई भी एसोसिएशन अग्रिम वेतन नहीं देती है, वसीम को हमने दिया। एग्रीमेंट मंगाया है जो भी बकाया होगा, उसे दिया जाएगा।

आप पर आरोप है कि एसोसिएशन में शामिल लोगों को आपने निजी फायदा पहुंचाया।
– मेरे घर का कोई भी नहीं है। कोशिश मेरी यही है कि जो क्रिकेट खेले हैं, सभी को क्रिकेट की बेहतरी के लिए लगाऊं। 

चर्चा है कि आपका कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष से विवाद चल रहा है?
– कोषाध्यक्ष बड़े भाई की तरह हैं। मेरा उनसे कोई विवाद नहीं है। उपाध्यक्ष के साथ भी ऐसा कुछ नहीं है। 

वसीम मामले में क्या बीसीसीआई ने कुछ सवाल पूछे हैं? 
– नहीं ऐसी कोई भी बात नहीं है।  

ज्ञानेंद्र पांडेय यूपी के कोच और उत्तराखंड में एपेक्स कांउससिल के सदस्य। ये हितों के टकराव का मामला नहीं है क्या?
-ज्ञानेंद्र पांडेय को आईसीए ने नियुक्त किया है। इसमें हमारी एसोसिएशन का कोई रोल नहीं है। हितों के टकराव की जहां तक बात है उसकी रिपोर्ट एथिक अफसर पूर्व मुख्य न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह को भेजी गई है।  

उत्तराखंड क्रिकेट के लिया क्या कर रहे हैं?
– अंडर -19 के सेलेक्शन शुरू हो गया है और इसका ट्रायल का समय एक दिन बढ़ा दिया है। 14 तारीख को दिल्ली और हिमाचल की गर्ल्स टीम आ रही है, उसके साथ उत्तराखंड की टीम त्रिकोणीय शृंखला खेलेगी। 

पर्वतीय क्षेत्र में मैदान के लिए क्या कर रहे हैं?
– जिला क्रिकेट एसोसिएशन के जो भी मैदान हैं, उन्हें बेहतर बनाने के लिए कोशिश करेंगे। 

चमोली में जो आपदा आई है उसके लिए सीएयू क्या करेगी?
– मुख्यमंत्री आपदा एवं राहत कोष में एसोसिएशन की ओर से राशि दी जाएगी।



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Author: riteshkucc01

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