मौन रहकर हर पग पर सियासत को साधती गईं प्रियंका


prayagraj news : प्रियंका गांधी।
– फोटो : prayagraj

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मौनी अमावस्या पर प्रयागराज पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पूरे कार्यक्रम के दौरान मौन साधे रखा लेकिन संगम में डुबकी लगाकर उन्होंने सियासी हलचल पैदा कर दी है। प्रियंका यहां करीब पांच घंटे रहीं और उनकी हर गतिविधि के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जाने लगे हैं। स्वराज भवन के बहाने उन्होंने अपने पूर्वजों की विरासत को साधा तो श्रद्धालुओं संग संगम स्नान कर गंगा पर जारी सियासत को और धार दी।

प्रियंका तथा उनकी बेटी के लिए नाव पर ही स्नान की व्यवस्था की गई थी। दो नाव पर हट बनाए गए थे लेकिन वह उनमें न जाकर गंगा की गोद में कूद पड़ीं। उनके साथ बेटी, बेटी की सहेली तथा उसकी मां भी नाव से उतर गईं। प्रियंका गांधी करीब 10 मिनट तक वहां रहीं और सुरक्षा घेरा तोड़कर लोगों के बीच पहुंच गईं। इस दौरान उनके साथ प्रमोद तिवारी की बेटी विधायक आराधना मिश्रा रहीं।

प्रियंका ने संगम स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं संग सेल्फी भी खींचवाईं। स्नान के बाद अरैल घाट पर वापसी के दौरान उन्होंने चप्पू भी अपने हाथ में ले लीं। गंगा की धारा नाव को आगे की तरफ ढकेल रही थी लेकिन एक कुशल नाविक की तरह प्रियंका उसे खींचकर घाट तक ले आईं। फिर उन्होंने पतवार नाविक को थमा दीं। इस दौरान भी वह अन्य नाव पर बैठे स्नानार्थियों से वार्ता करती रहीं।

रोक की वजह से नहीं मिला स्टीमर

मुख्य स्नान पर्व पर संगम क्षेत्र में स्टीमर पर रोक रही। इस दौरान वीआईपी मूवमेंट की भी मनाही है। ऐसे में उन्हें वीआईपी प्रोटोकाल नहीं मिला। इसकी वजह से प्रियंका नाव से संगम पहुंचीं। संगम से सीधे मनकामेश्वर मंदिर पहुंचने के बजाय उन्हें नाव से अरैल घाट वापस आना पड़ा। फिर वहां से सड़क मार्ग से वह मनकामेश्वर मंदिर गईं।

मौनी अमावस्या पर प्रयागराज पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पूरे कार्यक्रम के दौरान मौन साधे रखा लेकिन संगम में डुबकी लगाकर उन्होंने सियासी हलचल पैदा कर दी है। प्रियंका यहां करीब पांच घंटे रहीं और उनकी हर गतिविधि के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जाने लगे हैं। स्वराज भवन के बहाने उन्होंने अपने पूर्वजों की विरासत को साधा तो श्रद्धालुओं संग संगम स्नान कर गंगा पर जारी सियासत को और धार दी।

प्रियंका तथा उनकी बेटी के लिए नाव पर ही स्नान की व्यवस्था की गई थी। दो नाव पर हट बनाए गए थे लेकिन वह उनमें न जाकर गंगा की गोद में कूद पड़ीं। उनके साथ बेटी, बेटी की सहेली तथा उसकी मां भी नाव से उतर गईं। प्रियंका गांधी करीब 10 मिनट तक वहां रहीं और सुरक्षा घेरा तोड़कर लोगों के बीच पहुंच गईं। इस दौरान उनके साथ प्रमोद तिवारी की बेटी विधायक आराधना मिश्रा रहीं।

प्रियंका ने संगम स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं संग सेल्फी भी खींचवाईं। स्नान के बाद अरैल घाट पर वापसी के दौरान उन्होंने चप्पू भी अपने हाथ में ले लीं। गंगा की धारा नाव को आगे की तरफ ढकेल रही थी लेकिन एक कुशल नाविक की तरह प्रियंका उसे खींचकर घाट तक ले आईं। फिर उन्होंने पतवार नाविक को थमा दीं। इस दौरान भी वह अन्य नाव पर बैठे स्नानार्थियों से वार्ता करती रहीं।

रोक की वजह से नहीं मिला स्टीमर

मुख्य स्नान पर्व पर संगम क्षेत्र में स्टीमर पर रोक रही। इस दौरान वीआईपी मूवमेंट की भी मनाही है। ऐसे में उन्हें वीआईपी प्रोटोकाल नहीं मिला। इसकी वजह से प्रियंका नाव से संगम पहुंचीं। संगम से सीधे मनकामेश्वर मंदिर पहुंचने के बजाय उन्हें नाव से अरैल घाट वापस आना पड़ा। फिर वहां से सड़क मार्ग से वह मनकामेश्वर मंदिर गईं।



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Author: riteshkucc01

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