मौनी अमावस्या स्नान 2021 : गुरुवार को स्नान, कोरोना निगेटिव रिपोर्ट और पंजीकरण की बाध्यता खत्म


मौनी अमावस्या स्नान
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

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मौनी अमावस्या स्नान के लिए बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लाने और पोर्टल पर पंजीकरण की बाध्यता प्रशासन ने खत्म कर दी है। अब गुरुवार को स्नान के दौरान राज्य की सीमा पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की रैंडम सैंपलिंग होगी। दूसरी तरफ प्रशासन ने स्नान सकुशल संपन्न कराने के लिए तैयारी पूरी कर ली है।

हरिद्वार: मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी पर गर्भवती महिलाएं नहीं कर पाएंगी स्नान

मौनी अमावस्या पर उत्तर भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाने हरिद्वार पहुंचते हैं। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए 72 घंटे पूर्व की कोरोना निगेटिव जांच रिपोर्ट और पंजीकरण की बाध्यता को मौनी अमावस्या के लिए खत्म कर दिया है।

उन्हाेंने बताया कि नारसन, सप्तऋषि, चिड़ियापुर, भगवानपुर बार्डर पर स्वास्थ्य विभाग की बीस टीमें रैंडम सैंपलिंग करेंगी। पर्व स्नान को लेकर जिला, मेला और पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हरकी पैड़ी समेत सभी घाटों पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। अपर रोड हरकी पैड़ी पुलिस चौकी के पास बैरीकेडिंग कर दी गई है। शिवमूर्ति चौक से आगे वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। सिर्फ स्थानीय लोग और पासधारक ही आवाजाही कर सकेंगे। 

भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी के संस्थापक डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के मुताबिक गुरुवार को स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 5.30 बजे से 7.30 तक मकर लगन में होगा। जबकि इसके बाद दोपहर 1.30 वृष लगन है। जबकि सामान्य स्नान शाम तक चलता रहेगा। श्रद्धालु स्नान कर सूर्य की आराधना कर दान करेंगे। 

इन रूटों पर होगा डायवर्जन 

कुंभ आईजी संजय गुंज्याल ने बताया कि वाहनों का दबाव अधिक होने की संभावना को देखते हुए कुछ रूटों का डायवर्जन किया गया है। मुजफ्फरनगर से हरिद्वार आने वाले वाहनों को मंगलौर, लंढौरा, लक्सर होते हुए जगजीतपुर से अलग-अलग पार्किंगों में भेजा जाएगा।

इसी तरह सहारनपुर से आने वाले वाहनों को भगवानपुर, पुहाना के बाद मंगलौर भेजा जाएगा और लंढौरा लक्सर होकर जगजीतपुर पार्किंग में खड़े होंगे। देहरादून से आने वाले वाहन पावनधाम, चमकादड़ टापू, मोतीचूर टापू पार्किंग में खड़े होंगे।

नजीबाबाद से आने वाले वाहनों को गौरी शंकर पार्किंग में खड़ा करवाया जाएगा। जबकि रोडवेज की बसें ऋषिकुल और रोडवेज बस अड्डे से ही आवाजाही करेंगी। रोडवेज की बसों के आवागमन का रूट नहीं बदला जाएगा। बसें जिस रूट से चलती हैं वहीं से जाएंगी। 

मौनी अमावस्या स्नान पर्व को लेकर रोडवेज ने अपनी तैयारी पूरी कर रखी हैं। हरिद्वार डिपो की 93 बसें यात्रियों को लेकर स्नान पर्व पर चलेंगी। जरूरत पड़ने पर दूसरे डिपो से भी बसें मंगवाई जाएंगी। 

 

तीर्थनगरी में गुरुवार को होने वाले मौनी अमावस्या के स्नान पर्व को लेकर रोडवेज को आय बढ़ने की उम्मीद है। एआरएम प्रतीक जैन ने बताया कि हरिद्वार डिपो के पास वर्तमान में 93 बसें हैं। जिसमें से 33 अनुबंधित बसें हैं। जो हर समय तैयार रहेंगी।
 

 

बस में यात्री फुल होने के तुरंत बाद बस को स्टैंड से रवाना कर दिया जाएगा। बसों को ज्यादा देर तक स्टैंड पर खड़ा नहीं रखा जाएगा। वहीं बस के अंदर बैठै यात्रियों से कोविड के नियमों का पालन करने की अपील की जाएगी। समय-समय पर सैनेटाइजर करने के की भी अपील की जाएगी। बता दें कि कोरोना काल में रोडवेज की आय पर लगातार फर्क पड़ रहा है। 

मौनी अमावस्या के स्नान पर हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ट्रेन छूटने से दो घंटे पहले ही यात्रियों को प्रवेश करने दिया जाएगा। इसके लिए रेलवे ने निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे पूर्व किसी भी यात्री को स्टेशन परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। रेलवे के अधिकारी टिकट देखकर ही यात्रियों को स्टेशन के गेट पर प्रवेश देगा। 

यात्रियों का प्रवेश पुरुषार्थी मार्केट गेट की तरफ से स्टेशन परिसर में होगा। प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि पहले श्रद्धालुओं की भीड़ को कंट्रोल करने के लिए स्टेशन परिसर के बाहर बनाए गए होल्डिंग एरिया में रुकवाया जाएगा।

यहां से लाइन लगाकर उन्हें प्लेटफार्म की तरफ भेजा जाएगा। स्टेशन परिसर में केवल आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। स्टेशन परिसर में किसी भी प्रकार के वाहन को लाने और खड़ा करने की अनुमति नहीं है।

कोरोना पॉजिटिव आने पर लौटा दिए जाएंगे श्रद्धालु

मौनी अमावस्या पर स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को सीमा पर रोककर जांच की जाएगी। यदि जांच के दौरान कोई भी श्रद्धालु कोरोना पॉजिटिव मिलता है तो उसे वहीं से लौटा दिया जाएगा। 

हरकी पैड़ी समेत अन्य घाटों पर मास्क न पहनने वालों को चालान काटा जाएगा। इसके साथ ही शारीरिक दूरी का पालन करने की अपील भी पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं से करेंगे। वहीं उन्हें मास्क भी दिए जाएंगे। इसके साथ ही सैनिटाइजर का इस्तेमाल भी करवाया जाएगा।  

स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालु को घाटों पर खाना खाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अक्सर देखने में आया है कि श्रद्धालु स्नान के बाद खाना-खाने के लिए गंगा घाट पर बैठ जाते हैं। 

मौनी अमावस्या स्नान के लिए बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लाने और पोर्टल पर पंजीकरण की बाध्यता प्रशासन ने खत्म कर दी है। अब गुरुवार को स्नान के दौरान राज्य की सीमा पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की रैंडम सैंपलिंग होगी। दूसरी तरफ प्रशासन ने स्नान सकुशल संपन्न कराने के लिए तैयारी पूरी कर ली है।

हरिद्वार: मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी पर गर्भवती महिलाएं नहीं कर पाएंगी स्नान

मौनी अमावस्या पर उत्तर भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाने हरिद्वार पहुंचते हैं। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए 72 घंटे पूर्व की कोरोना निगेटिव जांच रिपोर्ट और पंजीकरण की बाध्यता को मौनी अमावस्या के लिए खत्म कर दिया है।

उन्हाेंने बताया कि नारसन, सप्तऋषि, चिड़ियापुर, भगवानपुर बार्डर पर स्वास्थ्य विभाग की बीस टीमें रैंडम सैंपलिंग करेंगी। पर्व स्नान को लेकर जिला, मेला और पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हरकी पैड़ी समेत सभी घाटों पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। अपर रोड हरकी पैड़ी पुलिस चौकी के पास बैरीकेडिंग कर दी गई है। शिवमूर्ति चौक से आगे वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। सिर्फ स्थानीय लोग और पासधारक ही आवाजाही कर सकेंगे। 


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सुबह 5.30 बजे से स्नान का शुभ मुहूर्त



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Author: riteshkucc01

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