मध्यप्रदेश: मुख्य सचिव से मिला राजपत्रित अधिकारियों का संघ, कई समस्याओं पर की बातचीत


मध्यप्रदेश: मुख्य सचिव से मिला राजपत्रित अधिकारी संघ
– फोटो : सोशल मीडिया

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मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार (10 फरवरी) को प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस से मुलाकात की। इस दौरान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से राज्य में विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं पर बातचीत की। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों की कुछ मांगें भी रखीं। मुख्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को इन समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण कराने का आश्वासन दिया।

बैठक में रखी गईं ये मांगें: 

  • राजपत्रित अधिकारियों को नियमानुसार आईएएस अवॉर्ड दिया जाए।
  • पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जाए।
  • वास्तविक वेतन वृद्धि के साथ रोके गए समस्त डीए दिए जाएं।
  • विभिन्न विभागों में व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। तकनीकी शिक्षा में सातवां एआईसीटीई वेतन दिया जाए।
  • 300 दिन का अर्जित अवकाश का लाभ दिए जाने हेतु 1991 का फार्मूला हटाया जाए।
  • वरिष्ठता के आधार पर ही प्रभारी अधिकारी बनाया जाए।
  • सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों के पीपीओ जल्द से जल्द जारी किए जाएं।
  • वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा दिया जाए। 
  • उच्च शिक्षा विभाग के सहायक प्राध्यापकों को प्राध्यापक पद का नाम  दिया जाए।
  • ऊर्जा विभाग में तदर्थ रूप से नियुक्त अधिकारी व कर्मचारियों को वरिष्ठता दी जाए।
  • खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग की विभागीय गठित मिश्रा समिति की अनुशंसा लागू की जाए। 
  • सहायक व कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की वेतन विसंगति दूर की जाए।
  • दिनांक 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी/ कर्मचारियों को 1 जुलाई से वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए।
  • अधिवार्षिकी आयु 33 वर्ष के स्थान पर केंद्र के समान की जाए।
  • प्रदेश के समस्त अधिकारी/ कर्मचारियों को 5 स्तरीय उच्चतर पदोन्नत वेतन मान दिया जाए।
  • सातवें वेतनमान की तरह ही एचआरए व अन्य भत्ते दिए जाएं।
मध्यप्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार (10 फरवरी) को प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस से मुलाकात की। इस दौरान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से राज्य में विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं पर बातचीत की। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों की कुछ मांगें भी रखीं। मुख्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को इन समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण कराने का आश्वासन दिया।

बैठक में रखी गईं ये मांगें: 

  • राजपत्रित अधिकारियों को नियमानुसार आईएएस अवॉर्ड दिया जाए।
  • पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जाए।
  • वास्तविक वेतन वृद्धि के साथ रोके गए समस्त डीए दिए जाएं।
  • विभिन्न विभागों में व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए। तकनीकी शिक्षा में सातवां एआईसीटीई वेतन दिया जाए।
  • 300 दिन का अर्जित अवकाश का लाभ दिए जाने हेतु 1991 का फार्मूला हटाया जाए।
  • वरिष्ठता के आधार पर ही प्रभारी अधिकारी बनाया जाए।
  • सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों के पीपीओ जल्द से जल्द जारी किए जाएं।
  • वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा दिया जाए। 
  • उच्च शिक्षा विभाग के सहायक प्राध्यापकों को प्राध्यापक पद का नाम  दिया जाए।
  • ऊर्जा विभाग में तदर्थ रूप से नियुक्त अधिकारी व कर्मचारियों को वरिष्ठता दी जाए।
  • खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग की विभागीय गठित मिश्रा समिति की अनुशंसा लागू की जाए। 
  • सहायक व कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की वेतन विसंगति दूर की जाए।
  • दिनांक 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी/ कर्मचारियों को 1 जुलाई से वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए।
  • अधिवार्षिकी आयु 33 वर्ष के स्थान पर केंद्र के समान की जाए।
  • प्रदेश के समस्त अधिकारी/ कर्मचारियों को 5 स्तरीय उच्चतर पदोन्नत वेतन मान दिया जाए।
  • सातवें वेतनमान की तरह ही एचआरए व अन्य भत्ते दिए जाएं।



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Author: riteshkucc01

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