फिर टूटा रिकॉर्डः दिल्ली में दस साल में सबसे गर्म रही 11 फरवरी, तेजी से बढ़ सकता है तापमान


सांकेतिक तस्वीर…
– फोटो : अमर उजाला

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दिल्ली की सर्दी अब वापसी की राह पर है और गर्मी अपनी दस्तक के साथ रिकॉर्ड बना रही है। लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार 10 साल में सबसे गर्म रहा। अधिकतम तापमान 2010 के बाद पहली बार 26 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान है कि दिल्ली में अब दोबारा सर्दी लौटने वाली नहीं है। आने वाले दिनों में तापमान में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद दिल्ली गर्मी की राह पर रफ्तार पकड़ेगी। इस बीच दिल्ली में कुछ स्थानों पर हल्की धुंध है। दिल्ली एयरपोर्ट पर कम दृश्यता के कारण सावधानी बरती जा रही है। वैसे, अभी तक उड़ानों का परिचालन सामान्य है।  

मौसम विभाग के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार, दिल्ली में अब सर्दी पहले के मुकाबले कम हो गई है। इसका एक कारण सर्द हवाओं में आई कमी भी है। वहीं, दिन के समय अब लोगों को तेज धूप भी लगने लगी है। सप्ताह भर तक इसी तरह मौसम के बने रहने की संभावना है। इसके बाद हल्की गर्मी का एहसास और बढ़ेगा। 

प्रादेशिक मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 9.6 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान सामान्य से तीन अधिक 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले वर्ष 2018 व 2016 में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। पिछले 24 घंटों में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 100 फीसदी  व न्यूनतम 46 फीसदी रहा। 

गौरतलब है कि बुधवार को अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था जो सामान्य से सात डिग्री अधिक था। वहीं, फरवरी का पहला दिन पिछले 10 वर्षों में सबसे ठंडा दर्ज किया गया था। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद लगातार दिन के तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है।

बहुत खराब श्रेणी में पहुंची दिल्ली-एनसीआर की हवा
करीब दो दिन तक खराब श्रेणी में बने रहने के बाद बृहस्पतिवार को दिल्ली-एनसीआर की हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। आगामी दो दिनों में भी वेंटिलेशन इंडेक्स का साथ न देने की वजह से वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बनी रहेगी। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के अनुसार, बृहस्पतिवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 330 दर्ज किया गया। वहीं, केवल गुरुग्राम और फरीदाबाद को छोड़कर एनसीआर में शामिल अन्य शहरों की भी हवा बहुत खराब श्रेणी में रही। इसमें ग्रेटर नोएडा की हवा 358 के साथ गाजियाबाद से भी अधिक दमघोंटू रही जबकि गाजियाबाद का सूचकांक 345 रहा। पिछले 24 घंटों में हवा में पीएम 10 का स्तर 297 व पीएम 2.5 का स्तर 149 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। 

दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई
दिल्ली- 330
फरीदाबाद-290
गाजियाबाद-345
ग्रेटर नोएडा-358
गुरुग्राम-294
नोएडा-313

दिल्ली की सर्दी अब वापसी की राह पर है और गर्मी अपनी दस्तक के साथ रिकॉर्ड बना रही है। लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार 10 साल में सबसे गर्म रहा। अधिकतम तापमान 2010 के बाद पहली बार 26 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान है कि दिल्ली में अब दोबारा सर्दी लौटने वाली नहीं है। आने वाले दिनों में तापमान में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद दिल्ली गर्मी की राह पर रफ्तार पकड़ेगी। इस बीच दिल्ली में कुछ स्थानों पर हल्की धुंध है। दिल्ली एयरपोर्ट पर कम दृश्यता के कारण सावधानी बरती जा रही है। वैसे, अभी तक उड़ानों का परिचालन सामान्य है।  

मौसम विभाग के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार, दिल्ली में अब सर्दी पहले के मुकाबले कम हो गई है। इसका एक कारण सर्द हवाओं में आई कमी भी है। वहीं, दिन के समय अब लोगों को तेज धूप भी लगने लगी है। सप्ताह भर तक इसी तरह मौसम के बने रहने की संभावना है। इसके बाद हल्की गर्मी का एहसास और बढ़ेगा। 

प्रादेशिक मौसम विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 9.6 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान सामान्य से तीन अधिक 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले वर्ष 2018 व 2016 में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। पिछले 24 घंटों में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 100 फीसदी  व न्यूनतम 46 फीसदी रहा। 

गौरतलब है कि बुधवार को अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था जो सामान्य से सात डिग्री अधिक था। वहीं, फरवरी का पहला दिन पिछले 10 वर्षों में सबसे ठंडा दर्ज किया गया था। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद लगातार दिन के तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है।

बहुत खराब श्रेणी में पहुंची दिल्ली-एनसीआर की हवा

करीब दो दिन तक खराब श्रेणी में बने रहने के बाद बृहस्पतिवार को दिल्ली-एनसीआर की हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। आगामी दो दिनों में भी वेंटिलेशन इंडेक्स का साथ न देने की वजह से वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बनी रहेगी। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीपीसीबी) के अनुसार, बृहस्पतिवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 330 दर्ज किया गया। वहीं, केवल गुरुग्राम और फरीदाबाद को छोड़कर एनसीआर में शामिल अन्य शहरों की भी हवा बहुत खराब श्रेणी में रही। इसमें ग्रेटर नोएडा की हवा 358 के साथ गाजियाबाद से भी अधिक दमघोंटू रही जबकि गाजियाबाद का सूचकांक 345 रहा। पिछले 24 घंटों में हवा में पीएम 10 का स्तर 297 व पीएम 2.5 का स्तर 149 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। 

दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई

दिल्ली- 330

फरीदाबाद-290

गाजियाबाद-345

ग्रेटर नोएडा-358

गुरुग्राम-294

नोएडा-313



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Author: riteshkucc01

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