निजी विश्वविद्यालयों से अनुबंध भर्ती की नीति का ब्योरा तलब


हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग
– फोटो : http://hp.gov.in/hpperc/

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हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालयों से उनकी अनुबंध भर्ती की नीति का ब्योरा तलब किया है। आयोग ने विश्वविद्यालय (विवि) प्रबंधनों से नियमित फैकल्टी की जानकारी भी मांगी है। आयोग ने निजी विवि प्रबंधनों को इसके लिए इसी माह के अंत तक का समय दिया है। कई निजी विवि पर मनमाने तरीके से अपने कर्मियों की नौकरी छीनने का आरोप है।

बीते कुछ माह मेें आयोग के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान कई कर्मियों को नौकरियां वापस दिलाई गई हैं। इसी कड़ी में अब आयोग ने निजी विश्वविद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया जांचने का फैसला लिया है। नियामक आयोग के समक्ष हर सप्ताह निजी विश्वविद्यालयों से निकाले जाने वाले स्टाफ सहित समय पर वेतन नहीं देने के मामलों की शिकायतें दर्ज होती हैं।

आयोग की अदालत दोनों पक्षों की सुनवाई कर मामले हल करती है। कोरोना संकट के दौरान इन मामलों में बहुत अधिक बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इस तरह के मामले बढ़ने पर अब आयोग ने निजी विश्वविद्यालयों की अनुबंध भर्ती की नीति को जांचने का फैसला लिया है। इसके तहत ही सभी निजी विवि से भर्ती नीति का ब्योरा तलब किया गया है।

भर्ती नीति को परखने के बाद आयोग कमियों को दूर करेगा। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि सभी निजी विश्वविद्यालयों से नियमित और अनुबंध पर नियुक्त फैकल्टी का ब्योरा मांगा गया है। विवि की अनुबंध भर्ती नीति का भी अध्ययन किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालयों से उनकी अनुबंध भर्ती की नीति का ब्योरा तलब किया है। आयोग ने विश्वविद्यालय (विवि) प्रबंधनों से नियमित फैकल्टी की जानकारी भी मांगी है। आयोग ने निजी विवि प्रबंधनों को इसके लिए इसी माह के अंत तक का समय दिया है। कई निजी विवि पर मनमाने तरीके से अपने कर्मियों की नौकरी छीनने का आरोप है।

बीते कुछ माह मेें आयोग के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान कई कर्मियों को नौकरियां वापस दिलाई गई हैं। इसी कड़ी में अब आयोग ने निजी विश्वविद्यालयों की भर्ती प्रक्रिया जांचने का फैसला लिया है। नियामक आयोग के समक्ष हर सप्ताह निजी विश्वविद्यालयों से निकाले जाने वाले स्टाफ सहित समय पर वेतन नहीं देने के मामलों की शिकायतें दर्ज होती हैं।

आयोग की अदालत दोनों पक्षों की सुनवाई कर मामले हल करती है। कोरोना संकट के दौरान इन मामलों में बहुत अधिक बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इस तरह के मामले बढ़ने पर अब आयोग ने निजी विश्वविद्यालयों की अनुबंध भर्ती की नीति को जांचने का फैसला लिया है। इसके तहत ही सभी निजी विवि से भर्ती नीति का ब्योरा तलब किया गया है।

भर्ती नीति को परखने के बाद आयोग कमियों को दूर करेगा। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि सभी निजी विश्वविद्यालयों से नियमित और अनुबंध पर नियुक्त फैकल्टी का ब्योरा मांगा गया है। विवि की अनुबंध भर्ती नीति का भी अध्ययन किया जाएगा।



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Author: riteshkucc01

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