नई शिक्षा नीति से प्रतिभा के साथ होगा विद्यार्थियों का विकास: सोनी


हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि नई शिक्षा नीति से प्रतिभा की पहचान के साथ विद्यार्थियों का विकास भी होगा। नई शिक्षा नीति कृत्रिम बुद्धिमता से प्रभावित वर्तमान पीढ़ी को प्रभावी बुद्धिमता की ओर ले जाएगी। नई शिक्षा नीति 2020 के सभी पहलुओं का अध्ययन करने और क्रियान्वयन करने पर आवश्यक सुझाव देने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक हुई।

इसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने की। बैठक में सचिव अक्षय सूद, कुलदीप डोगरा, कंवर विजय भारतीय, पवन कुमार, उज्ज्वल, भूपिंद्र सिंह, ओमप्रकाश, अरुण डोगरा और बोर्ड के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या कम होने तथा सभी स्तरों पर शिक्षा की सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना, समतामूलक और समावेशी शिक्षा: सभी के लिए अधिगम, स्कूल कांपलेक्स/ क्लस्टर के माध्यम से कुशल संसाधन और प्रभावी गवर्नेंस तथा स्कूली शिक्षा के लिए मानक निर्धारण और प्रत्यायन के पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। बोर्ड सचिव अक्षय सूद ने कहा कि प्रबुद्ध शिक्षकों से विचार मंथन करने जो रचनात्मक सुझाव प्राप्त होंगे, उन्हें क्रियान्वित रूप देने का प्रयास किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि नई शिक्षा नीति से प्रतिभा की पहचान के साथ विद्यार्थियों का विकास भी होगा। नई शिक्षा नीति कृत्रिम बुद्धिमता से प्रभावित वर्तमान पीढ़ी को प्रभावी बुद्धिमता की ओर ले जाएगी। नई शिक्षा नीति 2020 के सभी पहलुओं का अध्ययन करने और क्रियान्वयन करने पर आवश्यक सुझाव देने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक हुई।

इसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने की। बैठक में सचिव अक्षय सूद, कुलदीप डोगरा, कंवर विजय भारतीय, पवन कुमार, उज्ज्वल, भूपिंद्र सिंह, ओमप्रकाश, अरुण डोगरा और बोर्ड के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या कम होने तथा सभी स्तरों पर शिक्षा की सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना, समतामूलक और समावेशी शिक्षा: सभी के लिए अधिगम, स्कूल कांपलेक्स/ क्लस्टर के माध्यम से कुशल संसाधन और प्रभावी गवर्नेंस तथा स्कूली शिक्षा के लिए मानक निर्धारण और प्रत्यायन के पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। बोर्ड सचिव अक्षय सूद ने कहा कि प्रबुद्ध शिक्षकों से विचार मंथन करने जो रचनात्मक सुझाव प्राप्त होंगे, उन्हें क्रियान्वित रूप देने का प्रयास किया जाएगा।



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Author: riteshkucc01

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