देहरादून: सियासत चमकाने की होड़ में शहर हो रहा बदरंग, होर्डिंग और पोस्टरों से पटा

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 15 Sep 2021 03:09 PM IST

सार

नगर निगम के अलावा शहर का शायद ही कोई कोना हो जहां अवैध होर्डिंग और पोस्टर न लगे हों। इनमें व्यावसायिक से लेकर राजनीति से जुड़े प्रतिष्ठानों, दलों और नेताओं के फ्लैक्स, बैनर आदि शामिल हैं। मुख्य मार्गों, राजमार्गों और चौक चौराहों पर बेतरतीब लगे इन होर्डिंग-पोस्टर से वाहन चालकों को भी दिक्कत होती हैं। 

शहर को बदरंग कर रहे संगठन
– फोटो : अमर उजाला

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सियासत चमकाने की होड़ में कपितय राजनीतिक और संगठनों के लोग शहर को बदरंग कर रहे हैं। होर्डिंग नीति के प्रावधानों को दरकिनार कर ये लोग जहां-तहां होर्डिंग और पोस्टर लगा रहे हैं। होर्डिंग नीति के कायदों की धज्जियां उड़ाने में कानून बनाने वाले भी पीछे नहीं हैं।

इन होर्डिंग-पोस्टर से वाहन चालकों को भी दिक्कत
नगर निगम के अलावा शहर का शायद ही कोई कोना हो जहां अवैध होर्डिंग और पोस्टर न लगे हों। इनमें व्यावसायिक से लेकर राजनीति से जुड़े प्रतिष्ठानों, दलों और नेताओं के फ्लैक्स, बैनर आदि शामिल हैं। मुख्य मार्गों, राजमार्गों और चौक चौराहों पर बेतरतीब लगे इन होर्डिंग-पोस्टर से वाहन चालकों को भी दिक्कत होती हैं। 

चुनाव नजदीक आने से अवैध होर्डिंग की बाढ़ 
राज्य में विधानसभा के चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में बड़े-बड़े राजनीतिक दलों से लेकर छोटे स्तर तक के नेताओं ने जगह-जगह अपने होर्डिंग लगा दिए हैं। इन पोस्टरों और बैनरों की आड़ में व्यावसायिक व अन्य संगठनों ने भी अवैध तरीके से अपने होर्डिंग्स लगा रखे हैं। राजस्व के लालच में नगर निगम इन होर्डिंग को हटाने से हिचकता है। वहीं नगर निगम से जुड़े कुछ जनप्रतिनिधि और कर्मचारी कहते हैं कि अवैध होर्डिंग के काफी खेल होता है।

अवैध होर्डिंग्स से पटा है गांधी पार्क 
देहरादून नगर निगम की होर्डिंग नीति पर वर्ष 2011-12 में तत्कालीन मेयर विनोद चमोली के कार्यकाल में तब की राज्य सरकार ने मुहर लगाई थी। होर्डिंग नीति बन तो गई, लेकिन उसका पूरी तरह से पालन नहीं हो पा रहा है। होर्डिंग नीति की बात करें तो इसके तहत सरकारी इमारतों, ट्रांसफार्मर, बिजली के तारों व केबिल, चिह्नित पार्कों, चौक चौराहों से 50 मीटर से कम की दूरी समेत अन्य विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग नहीं लगाए जा सकते हैं।

किसी शहर, पर्यटन, धार्मिक स्थल या अन्य किसी क्षेत्र के मार्ग के लिए जाने वाले संकेतकों के ऊपर होर्डिंग लगाना प्रतिबंधित है। सरकारी योजना के प्रचार वाले बैनर पोस्टर या वाल पेंटिंग के ऊपर भी होर्डिंग लगाने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद शहर के प्रमुख गांधी पार्क के बाहर अवैध तरीके से सैकड़ों बैनर-पोस्टर और होर्डिंग्स लगे हैं।

निगम का पूरा प्रयास रहता है कि होर्डिंग नीति का कड़ाई से पालन हो। इसके लिए समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है। नगर निगम क्षेत्र में होर्डिंग लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है। अभी तीन बार टेंडर डालने के बावजूद कोई फर्म आगे नहीं आई है। कोरोना संक्रमण के चलते निश्चित तौर पर यह स्थिति बनी है। इसलिए फिलहाल पुरानी फर्म से ही काम लिया जा रहा है। अवैध होर्डिंग्स चाहे वह किसी भी दल या संस्था के हों उन्हें हटाया जाएगा।
-सुनील उनियाल गामा, मेयर

विस्तार

सियासत चमकाने की होड़ में कपितय राजनीतिक और संगठनों के लोग शहर को बदरंग कर रहे हैं। होर्डिंग नीति के प्रावधानों को दरकिनार कर ये लोग जहां-तहां होर्डिंग और पोस्टर लगा रहे हैं। होर्डिंग नीति के कायदों की धज्जियां उड़ाने में कानून बनाने वाले भी पीछे नहीं हैं।

इन होर्डिंग-पोस्टर से वाहन चालकों को भी दिक्कत

नगर निगम के अलावा शहर का शायद ही कोई कोना हो जहां अवैध होर्डिंग और पोस्टर न लगे हों। इनमें व्यावसायिक से लेकर राजनीति से जुड़े प्रतिष्ठानों, दलों और नेताओं के फ्लैक्स, बैनर आदि शामिल हैं। मुख्य मार्गों, राजमार्गों और चौक चौराहों पर बेतरतीब लगे इन होर्डिंग-पोस्टर से वाहन चालकों को भी दिक्कत होती हैं। 

चुनाव नजदीक आने से अवैध होर्डिंग की बाढ़ 

राज्य में विधानसभा के चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में बड़े-बड़े राजनीतिक दलों से लेकर छोटे स्तर तक के नेताओं ने जगह-जगह अपने होर्डिंग लगा दिए हैं। इन पोस्टरों और बैनरों की आड़ में व्यावसायिक व अन्य संगठनों ने भी अवैध तरीके से अपने होर्डिंग्स लगा रखे हैं। राजस्व के लालच में नगर निगम इन होर्डिंग को हटाने से हिचकता है। वहीं नगर निगम से जुड़े कुछ जनप्रतिनिधि और कर्मचारी कहते हैं कि अवैध होर्डिंग के काफी खेल होता है।

अवैध होर्डिंग्स से पटा है गांधी पार्क 

देहरादून नगर निगम की होर्डिंग नीति पर वर्ष 2011-12 में तत्कालीन मेयर विनोद चमोली के कार्यकाल में तब की राज्य सरकार ने मुहर लगाई थी। होर्डिंग नीति बन तो गई, लेकिन उसका पूरी तरह से पालन नहीं हो पा रहा है। होर्डिंग नीति की बात करें तो इसके तहत सरकारी इमारतों, ट्रांसफार्मर, बिजली के तारों व केबिल, चिह्नित पार्कों, चौक चौराहों से 50 मीटर से कम की दूरी समेत अन्य विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग नहीं लगाए जा सकते हैं।

किसी शहर, पर्यटन, धार्मिक स्थल या अन्य किसी क्षेत्र के मार्ग के लिए जाने वाले संकेतकों के ऊपर होर्डिंग लगाना प्रतिबंधित है। सरकारी योजना के प्रचार वाले बैनर पोस्टर या वाल पेंटिंग के ऊपर भी होर्डिंग लगाने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद शहर के प्रमुख गांधी पार्क के बाहर अवैध तरीके से सैकड़ों बैनर-पोस्टर और होर्डिंग्स लगे हैं।

निगम का पूरा प्रयास रहता है कि होर्डिंग नीति का कड़ाई से पालन हो। इसके लिए समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है। नगर निगम क्षेत्र में होर्डिंग लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है। अभी तीन बार टेंडर डालने के बावजूद कोई फर्म आगे नहीं आई है। कोरोना संक्रमण के चलते निश्चित तौर पर यह स्थिति बनी है। इसलिए फिलहाल पुरानी फर्म से ही काम लिया जा रहा है। अवैध होर्डिंग्स चाहे वह किसी भी दल या संस्था के हों उन्हें हटाया जाएगा।

-सुनील उनियाल गामा, मेयर



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Author: riteshkucc01

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