टीकरी बॉर्डर पर हवलदार की पिटाई, लापता किसानों का पोस्टर लगाने गया था


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हरियाणा और दिल्ली के बीच टीकरी बॉर्डर पर शुक्रवार को आंदोलनकारियों ने हवलदार की पिटाई कर दी। घटना के समय पुलिसकर्मी लापता व्यक्ति का पोस्टर लगाने बॉर्डर पहुंचा था। इस पर पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।

नांगलोई थाने में तैनात हवलदार जितेंद्र राणा शुक्रवार को टीकरी बॉर्डर पर पहुंचा था। वह वहां पर लापता किसानों का पोस्टर लगाने गया था। पुलिसकर्मी को अपनी ओर आता देख आंदोलनकारी दिल्ली पुलिस के नांगलोई थाना के हवलदार जितेंद्र राणा शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना वाले पोस्टर लगाने के लिए टीकरी बॉर्डर पर किसान मोर्चा के मंच के पास आए थे। 

वह पुलिस की ड्रेस में नहीं थे और उन्होंने सादे कपड़े पहने हुए थे। मंच के पास मौजूद किसानों को उनके हाव भाव संदिग्ध लगे तो उनसे पूछताछ करने लगे। पुलिस कर्मी सहम गए। इससे किसानों का शक बढ़ गया। उन्होंने सोचा कि उक्त बंदा बदमाश है और किसान आंदोलन में खलल डालने के लिए छेड़छाड़ करने आया है। 

युवा किसानों ने पुलिस कर्मी को पकड़ लिया और उसके साथ हाथापाई करने लगे। जिससे हवलदार जितेंद्र के सिर में चोट आई। नजदीक ही बैरिकेड के पास मौजूद दिल्ली पुलिस के दूसरे कर्मचारियों को जानकारी मिली तो उन्होंने किसानों को समझाकर अपने साथी को छुड़वाया और इलाज शुरू करवाया।

हरियाणा और दिल्ली के बीच टीकरी बॉर्डर पर शुक्रवार को आंदोलनकारियों ने हवलदार की पिटाई कर दी। घटना के समय पुलिसकर्मी लापता व्यक्ति का पोस्टर लगाने बॉर्डर पहुंचा था। इस पर पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।

नांगलोई थाने में तैनात हवलदार जितेंद्र राणा शुक्रवार को टीकरी बॉर्डर पर पहुंचा था। वह वहां पर लापता किसानों का पोस्टर लगाने गया था। पुलिसकर्मी को अपनी ओर आता देख आंदोलनकारी दिल्ली पुलिस के नांगलोई थाना के हवलदार जितेंद्र राणा शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना वाले पोस्टर लगाने के लिए टीकरी बॉर्डर पर किसान मोर्चा के मंच के पास आए थे। 

वह पुलिस की ड्रेस में नहीं थे और उन्होंने सादे कपड़े पहने हुए थे। मंच के पास मौजूद किसानों को उनके हाव भाव संदिग्ध लगे तो उनसे पूछताछ करने लगे। पुलिस कर्मी सहम गए। इससे किसानों का शक बढ़ गया। उन्होंने सोचा कि उक्त बंदा बदमाश है और किसान आंदोलन में खलल डालने के लिए छेड़छाड़ करने आया है। 

युवा किसानों ने पुलिस कर्मी को पकड़ लिया और उसके साथ हाथापाई करने लगे। जिससे हवलदार जितेंद्र के सिर में चोट आई। नजदीक ही बैरिकेड के पास मौजूद दिल्ली पुलिस के दूसरे कर्मचारियों को जानकारी मिली तो उन्होंने किसानों को समझाकर अपने साथी को छुड़वाया और इलाज शुरू करवाया।



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Author: riteshkucc01

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