जम्मू-कश्मीर समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, ताजिकिस्तान में रहा केंद्र 


पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार रात को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यूपी और उत्तराखंड के भी कई शहरों में झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में जमीन से 74 किलोमीटर नीचे था। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.3 मापी गई। कश्मीर घाटी से लेकर जम्मू संभाग के अधिकांश जिलों में भूकंप महसूस कर लोग घरों से बाहर की ओर भागे। लद्दाख के कारगिल और घाटी के उत्तरी कश्मीर में कुछ ढांचों को नुकसान की सूचना है।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने शुरुआत में अफगानिस्तान और अमृतसर में भूकंप का केंद्र बताया, लेकिन जांच के बाद भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में निकला। रात 10.31 बजे आए भूकंप के झटकों की अवधि 40 सेकंड तक रही। झटके इतने तेज थे कि दिल्ली एनसीआर में लोग घरों से बाहर निकल आए। हिमाचल प्रदेश के चंबा, पंजाब के चंडीगढ़, अमृतसर, पटियाला, हरियाणा के अंबाला, रोहतक, गाजियाबाद, नोएडा, मथुरा, आगरा और उत्तराखंड के उत्तरकाशी, बड़कोट, अल्मोड़ा में भी झटके महसूस किए गए। 

गुजरात के भी कुछ इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। विश्व स्तरीय ज्योलॉजिस्ट और केंद्रीय प्रोजेक्ट पर काम कर रहे जम्मू यूनिवर्सिटी के प्रो. जीएम भट्ट ने कहा कि भूकंप का केंद्र जमीन में ज्यादा गहराई पर होने की वजह से इसका प्रभाव क्षेत्र भी बड़ा था। गहराई ज्यादा होने से नुकसान कम होता है। भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में बेहद विरली आबादी वाले क्षेत्र में था। प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

कंबल लेकर बाहर की ओर भागे उमर
भूकंप के तेज झटके महसूस होते ही पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला घर से बाहर की ओर भागे। उमर ने ट्वीट किया – वर्ष 2005 के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब मैं भूकंप के झटके महसूस करते ही घर से बाहर भागने को विवश हो गया। मैंने कंबल लिया और फौरन बाहर की ओर निकल आया। हड़बड़ी में अपना फोन तक लेना भूल गया, इसीलिए तत्काल ट्वीट भी नहीं कर सका। भूकंप से जमीन कांप रही थी।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार रात को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यूपी और उत्तराखंड के भी कई शहरों में झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में जमीन से 74 किलोमीटर नीचे था। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.3 मापी गई। कश्मीर घाटी से लेकर जम्मू संभाग के अधिकांश जिलों में भूकंप महसूस कर लोग घरों से बाहर की ओर भागे। लद्दाख के कारगिल और घाटी के उत्तरी कश्मीर में कुछ ढांचों को नुकसान की सूचना है।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने शुरुआत में अफगानिस्तान और अमृतसर में भूकंप का केंद्र बताया, लेकिन जांच के बाद भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में निकला। रात 10.31 बजे आए भूकंप के झटकों की अवधि 40 सेकंड तक रही। झटके इतने तेज थे कि दिल्ली एनसीआर में लोग घरों से बाहर निकल आए। हिमाचल प्रदेश के चंबा, पंजाब के चंडीगढ़, अमृतसर, पटियाला, हरियाणा के अंबाला, रोहतक, गाजियाबाद, नोएडा, मथुरा, आगरा और उत्तराखंड के उत्तरकाशी, बड़कोट, अल्मोड़ा में भी झटके महसूस किए गए। 

गुजरात के भी कुछ इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। विश्व स्तरीय ज्योलॉजिस्ट और केंद्रीय प्रोजेक्ट पर काम कर रहे जम्मू यूनिवर्सिटी के प्रो. जीएम भट्ट ने कहा कि भूकंप का केंद्र जमीन में ज्यादा गहराई पर होने की वजह से इसका प्रभाव क्षेत्र भी बड़ा था। गहराई ज्यादा होने से नुकसान कम होता है। भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में बेहद विरली आबादी वाले क्षेत्र में था। प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

कंबल लेकर बाहर की ओर भागे उमर

भूकंप के तेज झटके महसूस होते ही पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला घर से बाहर की ओर भागे। उमर ने ट्वीट किया – वर्ष 2005 के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब मैं भूकंप के झटके महसूस करते ही घर से बाहर भागने को विवश हो गया। मैंने कंबल लिया और फौरन बाहर की ओर निकल आया। हड़बड़ी में अपना फोन तक लेना भूल गया, इसीलिए तत्काल ट्वीट भी नहीं कर सका। भूकंप से जमीन कांप रही थी।



Source link

Author: riteshkucc01

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *