कांग्रेस ने मेयर पद के लिए घोषित किया पहला प्रत्याशी, इंदौर में संजय शुक्ला को दिया टिकट– News18 Hindi


इंदौर.कांग्रेस ने अपने मेयर पद के पहले प्रत्याशी की घोषणा कर दी है.इसकी शुरुआत इंदौर (Indore) से हो गयी. पार्टी ने विधायक संजय शुक्ला (Sanjay shukla) को इंदौर में मेयर पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया है.आज खुले मंच से पार्टी नेता विजयलक्ष्मी साधौ ने उनके नाम का ऐलान किया. हालांकि आलाकमान शुक्ला को पहले ही हरी झंडी दे चुका था इसलिए शुक्ला दो महीने से चुनाव की तैयारी कर रहे थे.

इंदौर शहर कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में आपाधापी और अव्यवस्थाओं के बीच महापौर पद के प्रत्याशी की घोषणा कर दी गई.नगर निकाय की कुर्सी से 20 साल से दूर कांग्रेस ने इस बार विधायक संजय शुक्ला पर दांव खेला है.चुनाव प्रभारी और पूर्व मंत्री विजय लक्ष्मी साधौ ने मंच से कांग्रेस की ओर से महापौर पद के प्रत्याशी के रूप में विधायक संजय शुक्ला के नाम की घोषणा की.साधौ ने कहा लोकप्रिय विधायक या कह दूं कि भावी महापौर.अब तक तो मेरा भाई अघोषित था पर अब संजय शुक्ला घोषित महापौर प्रत्याशी हैं. ये हम कांग्रेसी या मंच वाले नहीं बोल रहे हैं.ये इंदौर की जनता का सर्वे बोल रहा है कि संजय शुक्ला को इंदौर का अगला मेयर बनना चाहिए और बनेगा.

जनता जवाब देगी

वहीं शहर कांग्रेस के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा शहर में इस बार न केवल मेयर कांग्रेस का बनेगा बल्कि पूरी परिषद कांग्रेस की बनेगी.पिछले 20 साल से बीजेपी ने निगम को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था जिसका जबाव जनता देगी.

पूर्व मंत्री डॉ.विजयलक्ष्मी साधैौ की बात पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी मुहर लगा दी. उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि बीजेपी को महापौर का प्रत्याशी ही नहीं मिल रहा है. इसलिए बीजेपी चाहे तो अपने राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को महापौर का चुनाव लड़वा दे.उन्हें भी इस बार संजय शुक्ला के सामने मुंह की खानी पड़ जाएगी. शुक्ला व्यवहार कुशल और विनम्र नौजवान हैं. उनकी व्यवहार कुशलता सबका मन मोह लेती है. एक नंबर जैसी कठिन विधानसभा को जीतकर संजय ने ये सिद्ध कर दिया है कि इंदौर अपने व्यवहार और नीतियों से जीता जा सकता है.इसलिए मैं तो कह रहा हूं कि इंदौर में संजय के सामने कैलाश को लाओ. इंदौर के दंगल का फैसला हो जाएगा.

संजय ने कहा विजयवर्गीय आशीर्वाद दें

हालांकि संजय शुक्ला ने कहा कैलाश विजयवर्गीय बहुत वरिष्ठ नेता हो चुके हैं वे राष्ट्रीय नेता है अब वे नगर निगम का चुनाव लड़ने क्यों आएंगे,उनका एक बेटा विधायक है और मैं दूसरा बेटा हूं इसलिए उनका आशीर्वाद भी मुझे मिलेगा.

दिलचस्प होगा मुकाबला
इंदौर को भाजपा का गढ़ कहा जाता है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां बीजेपी सांसद पद पर करीब 32 साल से और महापौर पद पर 20 साल से काबिज है.मजबूत गढ़ होने से बीजेपी में टिकट के लिए मारामारी है. हर कोई टिकट पाना चाहता है. लेकिन इस बार के समीकरण कुछ बदले नजर आ रहे हैं. ऐसे बीजेपी और कांग्रेस के बीच दिलचस्प मुकाबला रहने वाला है .





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Author: riteshkucc01

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