उत्तराखंड मौसम: देहरादून में मौसम फिलहाल साफ, कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी

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सार

Uttarakhand Weather Forecast: मौसम विभाग की ओर से 15 से 17 सितंबर तक पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी के बाद पौड़ी डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं। 

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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बुधवार को सुबह से ही मौसम साफ है और चटख धूप खिली हुई है। वहीं राज्य के कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग अवरूद्ध
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग भटवाड़ीसैंण में अवरूद्ध है। बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू हैं।

उत्तराखंड : पिथौरागढ़ और यमुनोत्री घाटी की चोटियों पर बर्फबारी, कई गांवों के नजदीक पहुंचा टिहरी झील का पानी

डीएम ने अधिकारियों को दिए अलर्ट पर रहने के निर्देश
उधर, मौसम विभाग की ओर से 15 से 17 सितंबर तक पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी के बाद पौड़ी डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपदा, दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्रवाई करते हुए सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जाए।

डीएम ने कहा है कि जनपद व तहसील स्तर पर गठित आईआरएस प्रणाली के नामित समस्त अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट में रहेंगे। सभी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में बने रहेंगे।

 

डीएम ने संबंधित अधिकारियों को किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में देने के निर्देश दिए हैं। कहा कि इस अवधि में किसी भी अधिकारी, कर्मचारी के मोबाइल फोन स्विच ऑफ नहीं रहेंगे।

कैंपटी फॉल में मलबा भरने से मायूस हुए पर्यटक
टिहरी गढ़वाल क्षेत्र स्थित कैंपटी फॉल में सोमवार को भारी बारिश की वजह से काफी मलबा आ गया था। इससे मंगलवार को पहुंचे पर्यटकों को मायूस होना पड़ा। हालांकि फॉल के उथले पानी में नहाकर पर्यटकों ने लुत्फ उठाया। सोमवार को कैंपटी फॉल का रूप विकराल हो गया। पहाड़ से काफी मलबा भी आ गया था।

दिल्ली से आए पर्यटक प्रियांशु ने बताया कि कैंपटी फॉल बेहद खूबसूरत है। बारिश के कारण झील में पत्थर और मलबा आने से नहाने में परेशानी हुई। थानाध्यक्ष कैंपटी नवीन चंद्र जुराल ने बताया कि कुछ मलबा स्थानीय लोगों ने हटा दिया था। इससे पर्यटकों को नहाने के लिए कुछ जगह मिल गई। मौसम विभाग के अलर्ट के चलते कैंपटी फॉल के आसपास अतिरिक्त पुलिस लगाई गई है। लोगों को लगातार चेतावनी दी जा रही है।

अगस्त्यमुनि विकासखंड के जगोठ-कमसाल गांव के पास चोलाणी गदेरे में अतिवृष्टि से आए सैलाब से बेडूबगड़-गणेशनगर मोटर मार्ग पर 12 मीटर लंबा पुल ध्वस्त हो गया है। साथ ही सिंचाई नहर व पेयजल लाइनें भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मलबे से गांवों की 50 नाली से अधिक कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। वहीं, मोटर पुल ध्वस्त होने से क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क कट गया है।

मंगलवार देर शाम को मूसलाधार बारिश के दौरान कमसाल गांव के पास बहने वाले चोलाणी गदेरे के उफान ने भारी तबाही मचा दी। बताया जा रहा है कि गदेरे के ऊपरी क्षेत्र में अतिवृष्टि से अचानक मलबे के साथ गदेरे का जलस्तर कई मीटर बढ़ गया जिससे बेडूबगड़-गणेशनगर मोटर मार्ग पर निर्मित पुल के स्लैब बह गए। साथ ही पुल के एक एबेडमेंट को भी क्षति पहुंची है। पुल के ध्वस्त होने से क्षेत्र के धारतोंदला, जगोठ, कमसाल, गणेशनगर, पिल्लू, जहंगी समेत 20 से अधिक गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क कट गया है।

दूसरी तरफ मलबे के सैलाब से गांवों के लिए संचालित 8 पेयजल योजनाएं और दो सिंचाई नहरें भी व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। क्षेत्र में कई जगह भूधंसाव हो गया है जिससे लोगों की खेती भी चौपट हो गई है। साथ ही 60 नाली से अधिक भूमि पर जगह-जगह मलबा भर गया है।

वाहनों में छह घंटे भूखे-प्यासे बैठे रहे मुसाफिर
नई टिहरी में चंबा-धरासू हाईवे पर सफर करना जोखिमभरा हो गया है। बुधवार को कांडीखाल डाबरी के समीप हाईवे छह घंटे तक बंद रहा। वहां चट्टान से हाईवे पर बार-बार पत्थर गिरने के कारण वाहनों का संचालन नहीं हो पाया, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान छह घंटे तक लोग वाहनों में ही भूखे-प्यासे बैठे रहे। 

चंबा-धरासू हाईवे पर ऑल वेदर परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। चौड़ीकरण के लिए जगह-जगह कटिंग के कारण बार-बार मलबा सड़क पर गिर रहा है, जिससे सफर जोखिमभरा हो गया। कांडीसौड़ डाबरी के समीप हाईवे पर नया भूस्खलन जोन सक्रिय हो गया है। वहां बार-बार चट्टान से हाईवे पर पत्थर गिर रहे हैं। बुधवार सुबह 9.30 बजे डाबरी के समीप चट्टान से पत्थर गिरने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो अपराह्न दो बजे तक लगातार जारी रहा। 
 
स्यूंणी-टैठी-पाटा मार्ग 11 दिन से बाधित
रुद्रप्रयाग में बच्छणस्यूं पट्टी की दस से अधिक ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला स्यूंणी-टैठी-पाटा मोटर मार्ग कई दिनों से बंद है। इस कारण ग्रामीणों को मीलों की दूरी पैदल नापनी पड़ रही है। साथ ही बीमार और गर्भवती महिलाओं को तीमारदार डंडी में बैठाकर सड़क तक पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों ने जल्द मार्ग की मरम्मत न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

बदहाली का दंश झेल रहा यह मार्ग सुराड़ी, गैरसारी, क्वल्ली, टैठी, पाटा सहित दस से अधिक ग्राम पंचायतों को जोड़ता है। बरसात की वजह से कई जगह मार्ग की हालत खराब है। मार्ग के बाधित होने से ग्रामीणों मीलों पैदल चलकर कांडई पहुंचना पड़ रहा है। यहीं से उन्हें आगे के सफर के लिए वाहन मिल पाते हैं।

अगस्त्यमुनि ब्लॉक के कनिष्ठ प्रमुख शशि नेगी, उक्रांद के जिला प्रवक्ता मोहित डिमरी, सामाजिक कार्यकर्ता हरीश कुमार, पूर्व ग्राम प्रधान मनवर सिंह, एलएस बिष्ट, सुरेंद्र बिष्ट, हरेंद्र नेगी, रतन सिंह आदि का कहना है कि नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनपीसीसी) ने मार्ग की मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं है। लोगों को कांडई से गैस सिलिंडर, राशन व अन्य जरूरी सामग्री पीठ पर ढोकर लानी पड़ रही है।

विस्तार

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बुधवार को सुबह से ही मौसम साफ है और चटख धूप खिली हुई है। वहीं राज्य के कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग अवरूद्ध

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग भटवाड़ीसैंण में अवरूद्ध है। बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू हैं।

उत्तराखंड : पिथौरागढ़ और यमुनोत्री घाटी की चोटियों पर बर्फबारी, कई गांवों के नजदीक पहुंचा टिहरी झील का पानी

डीएम ने अधिकारियों को दिए अलर्ट पर रहने के निर्देश

उधर, मौसम विभाग की ओर से 15 से 17 सितंबर तक पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी के बाद पौड़ी डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपदा, दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्रवाई करते हुए सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जाए।

डीएम ने कहा है कि जनपद व तहसील स्तर पर गठित आईआरएस प्रणाली के नामित समस्त अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट में रहेंगे। सभी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में बने रहेंगे।

 

डीएम ने संबंधित अधिकारियों को किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में देने के निर्देश दिए हैं। कहा कि इस अवधि में किसी भी अधिकारी, कर्मचारी के मोबाइल फोन स्विच ऑफ नहीं रहेंगे।

कैंपटी फॉल में मलबा भरने से मायूस हुए पर्यटक

टिहरी गढ़वाल क्षेत्र स्थित कैंपटी फॉल में सोमवार को भारी बारिश की वजह से काफी मलबा आ गया था। इससे मंगलवार को पहुंचे पर्यटकों को मायूस होना पड़ा। हालांकि फॉल के उथले पानी में नहाकर पर्यटकों ने लुत्फ उठाया। सोमवार को कैंपटी फॉल का रूप विकराल हो गया। पहाड़ से काफी मलबा भी आ गया था।

दिल्ली से आए पर्यटक प्रियांशु ने बताया कि कैंपटी फॉल बेहद खूबसूरत है। बारिश के कारण झील में पत्थर और मलबा आने से नहाने में परेशानी हुई। थानाध्यक्ष कैंपटी नवीन चंद्र जुराल ने बताया कि कुछ मलबा स्थानीय लोगों ने हटा दिया था। इससे पर्यटकों को नहाने के लिए कुछ जगह मिल गई। मौसम विभाग के अलर्ट के चलते कैंपटी फॉल के आसपास अतिरिक्त पुलिस लगाई गई है। लोगों को लगातार चेतावनी दी जा रही है।


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अतिवृष्टि से बेडूबगड-गणेशनगर मार्ग पर पुल ध्वस्त



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Author: riteshkucc01

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