उत्तराखंड: कपकोट की महिला बॉक्सर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, गलत अंपायरिंग के चलते तनाव में थी दानू

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी/बागेश्वर
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 10:25 AM IST

सार

Woman boxer Hemlata Danu death:  बागेश्वर जिले के कफलानी नाचनी कपकोट निवासी कृपाल सिंह की 20 साल की बेटी हेमलता कुमाऊं विश्वविद्यालय की नेशनल बॉक्सर थी। वह यहां छड़ायल स्थित ननिहाल में रहती थी।

बॉक्सर हेमलता दानू
– फोटो : अमर उजाला

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उत्तराखंड के हल्द्वानी में एमबीपीजी कॉलेज की एमए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा और राष्ट्रीय बॉक्सर हेमलता उर्फ हेमा दानू की रविवार की देर रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वह कपकोट के बड़ेत (कफलानी) की रहने वाली थी और हल्द्वानी में ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि परिजनों ने पुलिस को बताया कि पिछले दिनों खटीमा में आयोजित मैच में हार के बाद वह तनाव में आ गई थी। उसने गलत अंपायरिंग की बात कही थी। परिजनों ने बॉक्सर के जहर खाकर जान देने का अंदेशा जताया है।

बागेश्वर जिले के कफलानी नाचनी कपकोट निवासी कृपाल सिंह की 20 साल की बेटी हेमलता कुमाऊं विश्वविद्यालय की नेशनल बॉक्सर थी। वह यहां छड़ायल स्थित ननिहाल में रहती थी। 10 सितंबर को वह खटीमा में हुई प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में हार गई थी। रविवार को उसकी हालत बिगड़ने पर उसे नैनीताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान रविवार देर रात डेढ़ बजे उसने दम तोड़ दिया।

काठगोदाम थाने की महिला उपनिरीक्षक लता खत्री ने परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि मैच हारने के बाद वह तनाव में थी। इसी कारण उसने जहर खा लिया था। आरोप है कि हेमलता गलत  अंपायरिंग की वजह से तनाव में थी। लता खत्री के अनुसार वह पंजाब स्पोर्ट्स शिक्षण संस्थान से ट्रेनिंग ले रही थी। एमबीपीजी कॉलेज के क्रीड़ा प्रभारी डॉ. पुष्कर गौड़ ने बताया कि हेमलता ने कुमाऊं विश्विद्यालय की ओर से आयोजित अंतर विश्वविद्यालयी नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भाग लिया था।

छोटी उम्र में बन गई थी होनहार बॉक्सर 
हेमलता ने 2016 में कोटद्वार में आयोजित राज्य स्तरीय मैच में स्वर्ण पदक जीता था। 2018 में उसने हरियाणा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के मैच में रजत पदक जीता था।

मैच के परिणाम की जांच की मांग
हेमलता की मौत के बाद सोशल मीडिया पर मैच के परिणाम और गलत अंपायरिंग को लेकर काफी ट्रोल किया जा रहा है। लोग मैच के परिणाम की जांच की मांग कर रहे हैं। 

कॉलेज में हुई शोकसभा
एमबीपीजी कॉलेज में शोकसभा कर हेमलता को श्रद्धांजलि दी गई। शोकसभा में प्राचार्य प्रो. बीआर पंत, डॉ. महेश कुमार, डॉ. एससी टम्टा, डॉ. पुष्कर गौड़. डॉ. नवीन शर्मा आदि मौजद रहे।

कपकोट के बड़ेत (कफलानी) की मूल निवासी बॉक्सर हेमलता (हेमा) दानू उभरती हुई बॉक्सर थी। हेमा ने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर प्रदेश और जिले का नाम रोशन किया था। उनके निधन से समूचे कपकोट में शोक छा गया है। लोगों ने हेमा की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सेवानिवृत्त फौजी कृपाल सिंह दानू की सबसे बड़ी संतान हेमा की प्रारंभिक पढ़ाई कपकोट के मां उमा हाईस्कूल से हुई। वर्ष 2008-09 में हेमा अपनी मां के साथ हल्द्वानी में रहने लगी। करीब 10 साल पहले हेमा की मां का निधन हो गया। हेमा और उसके भाई-बहन कपकोट लौट आए। हेमा ने कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की पढ़ाई विवेकानंद इंटर कॉलेज हिचौड़ी (कपकोट) से हासिल की। इसके बाद वह पढ़ाई के लिए हल्द्वानी चली गई। हेमा से छोटे दो भाई और एक बहन है।

कपकोट के समाजसेवी उमेश जोशी ने हेमा को होनहार खिलाड़ी बताते हुए कहा कि उसका असमय संसार से जाना सबको दुखी कर गया। उनका कहना है कि इस मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए, ताकि फिर कोई हेमा ऐसा कदम न उठाए।

विस्तार

उत्तराखंड के हल्द्वानी में एमबीपीजी कॉलेज की एमए द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा और राष्ट्रीय बॉक्सर हेमलता उर्फ हेमा दानू की रविवार की देर रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। वह कपकोट के बड़ेत (कफलानी) की रहने वाली थी और हल्द्वानी में ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि परिजनों ने पुलिस को बताया कि पिछले दिनों खटीमा में आयोजित मैच में हार के बाद वह तनाव में आ गई थी। उसने गलत अंपायरिंग की बात कही थी। परिजनों ने बॉक्सर के जहर खाकर जान देने का अंदेशा जताया है।

बागेश्वर जिले के कफलानी नाचनी कपकोट निवासी कृपाल सिंह की 20 साल की बेटी हेमलता कुमाऊं विश्वविद्यालय की नेशनल बॉक्सर थी। वह यहां छड़ायल स्थित ननिहाल में रहती थी। 10 सितंबर को वह खटीमा में हुई प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में हार गई थी। रविवार को उसकी हालत बिगड़ने पर उसे नैनीताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज के दौरान रविवार देर रात डेढ़ बजे उसने दम तोड़ दिया।

काठगोदाम थाने की महिला उपनिरीक्षक लता खत्री ने परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि मैच हारने के बाद वह तनाव में थी। इसी कारण उसने जहर खा लिया था। आरोप है कि हेमलता गलत  अंपायरिंग की वजह से तनाव में थी। लता खत्री के अनुसार वह पंजाब स्पोर्ट्स शिक्षण संस्थान से ट्रेनिंग ले रही थी। एमबीपीजी कॉलेज के क्रीड़ा प्रभारी डॉ. पुष्कर गौड़ ने बताया कि हेमलता ने कुमाऊं विश्विद्यालय की ओर से आयोजित अंतर विश्वविद्यालयी नेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भाग लिया था।

छोटी उम्र में बन गई थी होनहार बॉक्सर 

हेमलता ने 2016 में कोटद्वार में आयोजित राज्य स्तरीय मैच में स्वर्ण पदक जीता था। 2018 में उसने हरियाणा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के मैच में रजत पदक जीता था।

मैच के परिणाम की जांच की मांग

हेमलता की मौत के बाद सोशल मीडिया पर मैच के परिणाम और गलत अंपायरिंग को लेकर काफी ट्रोल किया जा रहा है। लोग मैच के परिणाम की जांच की मांग कर रहे हैं। 

कॉलेज में हुई शोकसभा

एमबीपीजी कॉलेज में शोकसभा कर हेमलता को श्रद्धांजलि दी गई। शोकसभा में प्राचार्य प्रो. बीआर पंत, डॉ. महेश कुमार, डॉ. एससी टम्टा, डॉ. पुष्कर गौड़. डॉ. नवीन शर्मा आदि मौजद रहे।


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Author: riteshkucc01

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